साप्ताहिक वास्तु दृष्टि 16 अक्टूबर 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • प्ताहिक वास्तु ज्ञान

    16 अक्टूबर 2026

    त्योहारों और बदलते मौसम के इस समय में घर की ऊर्जा को सकारात्मक और जीवंत बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है । इस सप्ताह अपने घर में सुख, शांति और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए इन सरल वास्तु उपायों को अपनाएं:

    गोधूलि वेला में उचित रोशनी: अक्टूबर के मध्य में दिन छोटे होने लगते हैं और शाम जल्दी ढलती है। शाम के समय (गोधूलि वेला) घर के सभी मुख्य कमरों की लाइट कम से कम 15-20 मिनट के लिए जरूर चालू करें । इस समय घर के किसी भी हिस्से में पूरी तरह से अंधेरा न रहने दें; यह ठहराव और उदासी को दूर करता है ।

    नमक के पानी का प्रयोग: घर से संचित नकारात्मकता को दूर करने के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार (गुरुवार को छोड़कर) पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (Sea Salt) या सेंधा नमक मिलाकर घर में पोछा लगाएं । यह एक बहुत ही प्रभावी वास्तु उपाय है जो वातावरण को तुरंत हल्का और शुद्ध कर देता है ।

    इन छोटे लेकिन प्रभावशाली बदलावों को अपने घर में लागू करने से पारिवारिक संबंधों में मधुरता आएगी और घर का वातावरण अधिक शांत, ऊर्जावान और प्रगतिशील बनेगा ।

    ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन

    वास्तु विशेषज्ञ, आध्यात्मिक सलाहकार (Vastu Specialist, Spiritual Consultant)

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  • Weekly Vastu Wisdom

    16 October 2026

    During this festive season and the changing weather, it is extremely important to keep the energy of your home positive and vibrant. This week, adopt these simple Vastu practices to attract happiness, peace and prosperity into your home:

    Proper Lighting During Twilight: By mid-October, the days begin to become shorter and evenings arrive earlier. During the evening twilight period (Godhuli Vela), make sure to switch on the lights in all the main rooms of your home for at least 15–20 minutes. Avoid leaving any part of the house completely dark during this time, as this helps dispel stagnation and dullness.

    Use of Salt Water: To remove accumulated negativity from your home, mop the floors at least once a week (except on Thursdays) by adding a small amount of sea salt or rock salt to the water. This is considered a highly effective Vastu practice that helps make the atmosphere feel lighter and purified.

    By incorporating these small yet powerful changes into your home, you can encourage greater harmony in family relationships and create an environment that feels more peaceful, energetic and progressive.

    Dhyanacharya Dr. Ajay Jain

    Vastu Specialist, Spiritual Consultant

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साप्ताहिक वास्तु दृष्टि 09 अक्टूबर 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • साप्ताहिक वास्तु ज्ञान                       09 अक्टूबर 2026

    पवित्र स्थान, पवित्र मन

     प्रिय साधकों,

    बाह्य वास्तुकला (वास्तु) और आंतरिक जागरूकता (ध्यान) आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं । जब आप अपने घरों के भौतिक क्षेत्रों को संतुलित करते हैं, तो आपको अपनी चेतना के आंतरिक स्थान को भी सुव्यवस्थित करना चाहिए ।

    आपके स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए आपके रहने के वातावरण में सामंजस्य स्थापित करने हेतु पवित्र मार्गदर्शन:

    दैनिक साधना के लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को पवित्र करें

    अपने घर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र को पूरी तरह से स्वच्छ, शांत और अव्यवस्था-मुक्त (clutter-free) रखें । इस कोने को अपने दैनिक ध्यान, मौन चिंतन या पवित्र अध्ययन के लिए समर्पित करें । एक शुद्ध ईशान कोण स्पष्ट मन, उच्च अंतर्ज्ञान (intuition) और दिव्य कृपा के साथ सीधा जुड़ाव प्रदान करता है ।

    आंतरिक शांति के लिए केंद्र (ब्रह्मस्थान) को शुद्ध करें

    आपके निवास का केंद्र आपके जीवन के हृदय का प्रतिनिधित्व करता है । सुनिश्चित करें कि यह हल्का और खुला रहे, भारी फर्नीचर या जमा हुई वस्तुओं से मुक्त रहे । केंद्र में ऊर्जा को स्वतंत्र रूप से प्रवाहित होने देने से अवचेतन की चिंता दूर होती है, प्राण ऊर्जा संरक्षित रहती है और परिवार के सभी सदस्यों के बीच भावनात्मक सद्भाव बढ़ता है ।

    भावनात्मक स्थिरता के लिए नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) को मजबूत करें

    अपने मुख्य विश्राम स्थल, भारी भंडारण या स्थिरता देने वाले तत्वों को दक्षिण-पश्चिम में रखें । एक स्थिर और मजबूत नैऋत्य क्षेत्र आपकी आध्यात्मिक साधना को चंचलता से बचाता है, बिखरे हुए विचारों को शांत करता है और गहरी, स्फूर्तिदायक नींद को बढ़ावा देता है ।

    आपके घर के लिए एक दैनिक मंत्र

    हर सुबह, सूर्योदय के भौतिक और सूक्ष्म प्रकाश को आमंत्रित करने के लिए पूर्व दिशा की खिड़कियां खोलें । जैसे ही प्रकाश प्रवेश करे, एक सचेत संकल्प लें: “यह स्थान यहाँ रहने वाले सभी लोगों के लिए पवित्रता, शांति और आध्यात्मिक शक्ति से भर जाए ।”

    आपका घर प्रकाश का एक ऐसा अभयारण्य बने जो आपके स्वास्थ्य की रक्षा करे, आपकी आत्मा को उन्नत करे और आत्म-साक्षात्कार की आपकी यात्रा का समर्थन करे ।

    प्रकाश और आशीर्वाद के साथ,

    वास्तु ज्ञान प्रदाता:

    ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन

    वास्तु विशेषज्ञ • आध्यात्मिक परामर्शदाता

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  • Weekly Vastu Knowledge                09 October 2026

    Sacred Space, Sacred Mind

    Dear Seekers,

    External architecture (Vastu) and internal awareness (meditation) are deeply interconnected. When you balance the physical spaces of your homes, you should also organize the internal space of your consciousness.

    Sacred guidance to establish harmony in your living environment for your health, inner peace, and spiritual growth:

    Purify the North-East Corner (Ishaan Kon) for Daily Sadhana

    Keep the north-east area of your home completely clean, peaceful and clutter-free. Dedicate this corner to your daily meditation, silent contemplation or sacred study. A purified north-east corner provides a direct connection with a clear mind, high intuition, and divine grace.

    Purify the Center (Brahmasthan) for Inner Peace

    The center of your residence represents the heart of your life. Ensure that it remains light and open, free from heavy furniture or accumulated items. Allowing energy to flow freely in the center removes subconscious anxiety, preserves vital life force (Prana) and enhances emotional harmony among all family members.

    Strengthen the South-West Corner (Nairitya Kon) for Emotional Stability

    Place your main resting place, heavy storage or elements providing stability in the south-west. A stable and strong south-west zone protects your spiritual practice from restlessness, calms scattered thoughts and promotes deep, rejuvenating sleep.

    A Daily Mantra for Your Home

    Every morning, open the windows of the east direction to invite the physical and subtle light of sunrise. As the light enters, take a conscious resolution: “May this space be filled with purity, peace and spiritual strength for all who live here.”

    May your home become a sanctuary of light that protects your health, elevates your soul, and supports your journey of self-realization.

    With light and blessings,

    Vastu Wisdom by:

    Dhyanacharya Dr. Ajay Jain

    Vastu Expert • Spiritual Counselor

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साप्ताहिक वास्तु दृष्टि 02 अक्टूबर 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • साप्ताहिक वास्तु दृष्टि      02 अक्टूबर 2026

    “अपने स्थान को केवल सजाएँ नहीं—उसे जागृत करें ।”

    इस सप्ताह 7-चरणीय वास्तु नवीनीकरण चक्र को सरल रूप से अपनाएँ:

    1. अवलोकन करे

    — ध्यान दें कि आपके घर में कौन-से स्थान भीड़भाड़ वाले या ऊर्जा की दृष्टि से रुके हुए महसूस होते हैं ।

    1. अनावश्यक वस्तुएँ हटाएँ

    — ऐसी वस्तुओं को छोड़ दें जिनकी अब आवश्यकता नहीं है ।

    1. मरम्मत करें

    — जो उपयोगी है और टूटा हुआ है, उसे ठीक करें ।

    1. शुद्धिकरण करें

    — घर के उपेक्षित कोनों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें स्वच्छ एवं व्यवस्थित करें ।

    1. प्रकाशमय करें

    — अंधेरे क्षेत्रों में उपयुक्त प्राकृतिक प्रकाश या कोमल रोशनी पहुँचाएँ ।

    1. मार्ग खोलें

    — आने-जाने के रास्तों और महत्वपूर्ण स्थानों को अनावश्यक अवरोधों से मुक्त रखें ।

    1. ध्यान करें

    — शांत बैठें और आगे कोई परिवर्तन करने से पहले अनुभव करें कि आपके स्थान में क्या अंतर आया है ।

     एक जागरूक वास्तु स्मरण

    वास्तु का वास्तविक महत्व तब प्रकट होता है, जब बाहरी सामंजस्य आंतरिक जागरूकता का द्वार बन जाता है ।

    एक साथ बहुत सारे परिवर्तन करने के बजाय, प्रतिदिन एक विचारपूर्ण वास्तु सुधार करें और देखें कि आपके अपने स्थान के साथ आपका संबंध किस प्रकार बदलता है ।

     वास्तु ज्ञान द्वारा

    — ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन

    वास्तु विशेषज्ञ • आध्यात्मिक सलाहकार

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  • Weekly Vastu Vision                    02 October 2026

     “Do Not Merely Decorate Your Space—Awaken It.”

    This week, experiment with a simple 7-step Vastu Renewal Cycle:

    1. Observe —                                                                                                          Notice where your home feels crowded or stagnant.                                                                
    2. Remove —                                                                                                              Let go of unnecessary possessions.                                                                                         
    3. Repair —                                                                                                            Fix what is broken and useful.                                                                                           
    4. Cleanse —                                                                                                       Give neglected corners renewed attention.                                                                  
    5. Illuminate —                                                                                                  Bring appropriate natural or gentle light into dark areas.                                       
    6. Open —                                                                                                          Keep pathways and important spaces unobstructed.                                            
    7. Meditate —                                                                                                           Sit quietly and experience the difference before making further changes.

     

    A Conscious Vastu Reminder

    Vastu is most meaningful when external harmony becomes a doorway to internal awareness.

    Rather than changing many things at once, make one thoughtful Vastu improvement each day and observe how your relationship with your space changes.

    Vastu Wisdom by

    — Dhyanacharya Dr. Ajay Jain
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25 सितंबर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • सभी 12 राशियों के लिए साप्ताहिक वास्तु टिप्स 

    25 सितंबर 2026 से 01 अक्टूबर 2026

    वास्तु अंतर्दृष्टि— ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन, वास्तु विशेषज्ञ • आध्यात्मिक सलाहकार

    जन्म तिथि के अनुसार अपनी राशि देखने के लिए मार्गदर्शन

    नीचे दिए गए चार्ट से अपनी जन्म तिथि के अनुसार अपनी राशि खोजें और 25 सितंबर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक के सप्ताह के लिए संबंधित विशेष वास्तु मार्गदर्शन का पालन करें ।

    ♈ मेष (Aries)

    21 मार्च – 19 अप्रैल साप्ताहिक वास्तु टिप:

    इस सप्ताह, मुख्य प्रवेश द्वार की केवल सफाई करने के बजाय उसके अनुभव को नया रूप दें । यह निश्चित करें कि दरवाजा आसानी से खुलता हो, प्रवेश द्वार पर पर्याप्त रोशनी हो और मुख्य द्वार ऐसी वस्तुओं से मुक्त हो जो आवाजाही में बाधा डालती हों । यदि स्थान अनुमति दे, तो प्रवेश द्वार के पास एक स्वस्थ सुन्दर पौधा रखें, जो बाहरी दुनिया से आपके घर में एक स्वागत योग्य बदलाव का अहसास कराए ।

    ♉ वृषभ (Taurus)

    20 अप्रैल – 20 मई साप्ताहिक वास्तु टिप:

    इस सप्ताह अपनी रसोई के भंडारण (स्टोरेज) की समीक्षा करें । अक्सर इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों को आसानी से पहुंच योग्य रखें और एक्सपायर हो चुके भोजन, खाली डिब्बे या अप्रयुक्त बर्तनों को लंबे समय तक रखने से बचें । व्यवस्थित संसाधनों वाली एक सुचारू रूप से चलने वाली रसोई प्रतीकात्मक रूप से पोषण, प्रचुरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का समर्थन करती है ।

    ♊ मिथुन (Gemini)

    21 मई – 20 जून साप्ताहिक वास्तु टिप:

    अपने डिजिटल कार्यक्षेत्र को वास्तु रीसेट दें । अपने कंप्यूटर से अनावश्यक फाइलों को हटाएं, अप्रयुक्त ऐप्स को साफ करें और अपनी डेस्क को इस तरह व्यवस्थित करें कि केवल वर्तमान कार्य ही दिखाई दे । विजुअल और डिजिटल अव्यवस्था को कम करने से संचार, सीखने और निर्णय लेने के लिए एक शांत वातावरण तैयार हो सकता है ।

  • ♋ कर्क (Cancer)

    21 जून – 22 जुलाई साप्ताहिक वास्तु टिप:

    घर के अंदर हवा की गुणवत्ता और ताजगी पर ध्यान दें । दिन के दौरान प्राकृतिक वेंटिलेशन के लिए उपयुक्त खिड़कियां खोलें और रहने के स्थानों के आसपास गीले कपड़े, बासी पानी या बंद डिब्बे रखने से बचें । ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी बिना किसी बड़े बदलाव के एक कमरे के अहसास को बदल सकती है ।

    ♌ सिंह (Leo)

    23 जुलाई – 22 अगस्त साप्ताहिक वास्तु टिप:

    इस सप्ताह, अपने रहने और काम करने के क्षेत्रों के आसपास की रोशनी का निरीक्षण करें । टिमटिमाते बल्बों को बदलें और बहुत तेज या अपर्याप्त रोशनी पर अत्यधिक निर्भर रहने से बचें । जहां तक संभव हो, दिन की गतिविधियों के दौरान प्राकृतिक रोशनी का उपयोग करें, जिससे एक उज्जवल वातावरण बने जो सक्रिय, आत्मविश्वास से भरा और स्वागत योग्य महसूस हो ।

     ♍ कन्या (Virgo)

    23 अगस्त – 22 सितंबर साप्ताहिक वास्तु टिप:

    अपने अध्ययन या कार्य क्षेत्र के पास एक “वन-टच ऑर्गनाइजेशन ज़ोन” बनाएं—चाबियों, दस्तावेजों, स्टेशनरी और अन्य अक्सर उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के लिए एक निर्धारित स्थान । इसका उद्देश्य छोटी वस्तुओं को बार-बार पूरे घर में फैलने से रोकना और व्यवस्था, दक्षता तथा सचेत संगठन की आदत विकसित करना है ।

    ♎ तुला (Libra)

    23 सितंबर – 22 अक्टूबर साप्ताहिक वास्तु टिप:

    इस सप्ताह अपने घर के शीशों (दर्पणों) की समीक्षा करें । किसी शीशे को ऐसी जगह लगाने से बचें जहाँ वह भ्रमित करने वाला या असुविधाजनक प्रतिबिंब बनाए, विशेष रूप से किसी बिखरे हुए या अव्यवस्थित क्षेत्र के सामने । शीशों का उपयोग केवल परावर्तक सतहें बढ़ाने के बजाय चमक और विशालता को बढ़ाने के लिए समझदारी से करें ।

  • ♏ वृश्चिक (Scorpio)

    23 अक्टूबर – 21 नवंबर साप्ताहिक वास्तु टिप:

    स्थिरता के लिए अपने फर्नीचर का निरीक्षण करें । ढीले हैंडल को कसें, हिलती हुई कुर्सियों की मरम्मत करें और ठीक से काम न करने वाले दरवाजों या दराजों को ठीक करें । वास्तु केवल दिशाओं या वस्तुओं को रखने के बारे में नहीं है—यह एक ऐसे वातावरण को बनाए रखने के बारे में भी है जहाँ आपके आसपास की चीज़ें विश्वसनीय, सुरक्षित और कार्यात्मक महसूस हों ।

    ♐ धनु (Sagittarius)

    22 नवंबर – 21 दिसंबर साप्ताहिक वास्तु टिप:

    पढ़ने, जर्नलिंग (डायरी लिखने), ध्यान या शांत चिंतन के लिए अपने घर के एक छोटे से क्षेत्र को “ज्ञान कोण” (Wisdom Corner) के रूप में नामित करें । वहां केवल सार्थक पुस्तकें या वस्तुएं रखें और प्रतिदिन उस स्थान पर कुछ शांतिपूर्ण मिनट बिताएं । इसका उद्देश्य सीखने, चिंतन और व्यक्तिगत विकास का एक भौतिक स्मरण दिलाना है ।

    ♑ मकर (Capricorn)

    22 दिसंबर – 19 जनवरी साप्ताहिक वास्तु टिप:

    इस सप्ताह, भारी भंडारण (हेवी स्टोरेज) के स्थान की समीक्षा करें । अलमारियों, बक्सों और शायद ही कभी हटाई जाने वाली भारी वस्तुओं को अस्थायी ढेर बनने देने के बजाय स्थिर और ठीक से व्यवस्थित रखें । एक सुविचारित भंडारण प्रणाली घर को व्यवस्थित और संतुलित महसूस कराने में मदद करती है और दैनिक आवाजाही को आसान बनाती है ।

    ♒ कुंभ (Aquarius)

    20 जनवरी – 18 फरवरी साप्ताहिक वास्तु टिप:

    घर के भीतर हवा और आवाजाही के प्रवाह पर ध्यान दें । अपने मुख्य कमरों से होकर गुजरें और उन स्थानों पर ध्यान दें जहाँ फर्नीचर, केबल या रखी हुई वस्तुएं आवाजाही को अनावश्यक रूप से कठिन बनाती हैं । एक बाधित रास्ते को भी फिर से व्यवस्थित करने से स्थान अधिक विशाल, कार्यात्मक और ऊर्जावान महसूस हो सकता है ।

  • ♓ मीन (Pisces)

    19 फरवरी – 20 मार्च साप्ताहिक वास्तु टिप:

     

    इस सप्ताह अपने घर के जल तत्व को नया रूप दें । पानी के कंटेनरों, वाटर डिस्पेंसर, सजावटी वॉटर फीचर्स और सिंक के आसपास के क्षेत्रों को साफ करें, साथ ही यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी रुका हुआ या उपेक्षित पानी न हो । जल स्रोतों को ताजा रखने का यह सरल अभ्यास स्वच्छता, देखभाल और नवीनीकरण की भावना को बढ़ावा देता है ।

    साप्ताहिक वास्तु ज्ञान (Weekly Vastu Wisdom)

    “वास्तु केवल दिशा बदलने के बारे में नहीं है; यह इस बात के प्रति अधिक जागरूक होने के बारे में है कि आप अपने परिवेश में कैसे रहते हैं । जब आप सचेत रूप से प्रकाश, हवा, आवाजाही, व्यवस्था और कार्यक्षमता में सुधार करते हैं, तो आपका घर जीवन जीने के एक अधिक सामंजस्यपूर्ण तरीके का समर्थन करना शुरू कर देता है ।”

     

    वास्तु ज्ञान—

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18 सितंबर 2026 से 24 सितंबर 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • साप्ताहिक वास्तु टिप

    सभी 12 राशियों के लिए साप्ताहिक वास्तु टिप्स

    18 सितंबर 2026 से 24 सितंबर 2026

    द्वारा — ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन

    वास्तु विशेषज्ञ, आध्यात्मिक सलाहकार

    जन्म तिथि के अनुसार अपनी राशि देखने के लिए मार्गदर्शन

    निम्नलिखित जन्म तिथि तालिका (डेट-ऑफ-बर्थ चार्ट) से अपनी राशि पहचानें और 18 सितंबर 2026 से 24 सितंबर 2026 तक के सप्ताह के लिए अपनी राशि से संबंधित वास्तु टिप पढ़ें ।

    ♈ मेष (Aries)

    21 मार्च – 19 अप्रैल

    साप्ताहिक वास्तु टिप: पूर्व दिशा को साफ, चमकदार और अनावश्यक कबाड़ (सामान) से मुक्त रखें । एक अच्छी तरह से व्यवस्थित मुख्य द्वार उत्साह, स्पष्टता और सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित कर सकता है । मुख्य प्रवेश द्वार के पास टूटी-फूटी वस्तुओं को जमा न होने दें ।

    ♉ वृषभ (Taurus)

    20 अप्रैल – 20 मई

    साप्ताहिक वास्तु टिप: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखें, विशेषकर रसोई और बिजली के उपकरणों के आसपास । वातावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए बिना इस्तेमाल किए जाने वाले या क्षतिग्रस्त सामान को हटा दें ।

    ♊ मिथुन (Gemini)

    21 मई – 20 जून

    साप्ताहिक वास्तु टिप: उत्तर दिशा को व्यवस्थित रखें, विशेष रूप से अपने अध्ययन (स्टडी) या कार्यस्थल के आसपास । कागजात, पुस्तकों और इलेक्ट्रॉनिक सामानों को इस प्रकार व्यवस्थित करें कि यह स्थान स्पष्टता, एकाग्रता और उत्पादक सोच में सहायक बने ।

♋ कर्क (Cancer)

21 जून – 22 जुलाई

साप्ताहिक वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को साफ, शांत और भारी सामान से मुक्त रखें । एक हल्का और स्वच्छ ईशान कोण प्रार्थना, ध्यान और आत्मनिरीक्षण के लिए अधिक शांत वातावरण निर्मित कर सकता है ।

♌ सिंह (Leo)

23 जुलाई – 22 अगस्त

साप्ताहिक वास्तु टिप: पूर्व दिशा पर विशेष ध्यान दें । इसे साफ रखें और जब भी संभव हो प्राकृतिक रोशनी को अंदर आने दें । खिड़कियों और प्रवेश द्वारों के पास अनावश्यक सामान इकट्ठा न होने दें ताकि स्थान खुला और ऊर्जावान महसूस हो ।

♍ कन्या (Virgo)

23 अगस्त – 22 सितंबर

साप्ताहिक वास्तु टिप: अपने अध्ययन और कार्यक्षेत्र को सुव्यवस्थित और अनावश्यक वस्तुओं से मुक्त रखें । कार्यक्षेत्र के उत्तर और पूर्व भागों पर विशेष ध्यान दें, जिससे अनुशासन, ध्यान और व्यवस्थित सोच को बढ़ावा देने वाला वातावरण बने ।

♎ तुला (Libra)

23 सितंबर – 22 अक्टूबर

साप्ताहिक वास्तु टिप: पश्चिम और उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) दिशाओं में संतुलन और स्वच्छता बनाए रखें । रास्तों को खुला रखें और इन क्षेत्रों में अप्रयुक्त फर्नीचर या सामान को जमा करके भीड़ न बढ़ाएं । एक सामंजस्यपूर्ण वातावरण भावनात्मक और मानसिक संतुलन का समर्थन करता है ।

♏ वृश्चिक (Scorpio)

23 अक्टूबर – 21 नवंबर

साप्ताहिक वास्तु टिप: दक्षिण दिशा को स्वच्छ, स्थिर और सुव्यवस्थित रखें । एक अधिक स्थिर और व्यवस्थित वातावरण बनाने के लिए इस क्षेत्र से टूटे हुए फर्नीचर, क्षतिग्रस्त सामान और अनावश्यक कबाड़ को हटा दें ।

♐ धनु (Sagittarius)

22 नवंबर – 21 दिसंबर

साप्ताहिक वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशाओं को खुला, स्वच्छ और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान रखें । पढ़ने, ध्यान या चिंतन के लिए एक समर्पित स्थान ज्ञान, सकारात्मक विचारों और आंतरिक विकास को प्रोत्साहित कर सकता है ।

♑ मकर (Capricorn)

22 दिसंबर – 19 जनवरी

साप्ताहिक वास्तु टिप: दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशा पर विशेष ध्यान दें । इस क्षेत्र को स्थिर, स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखें । अनावश्यक कबाड़ से बचें और बेकार वस्तुओं को जमा करने के बजाय उपयोगी एवं भारी सामानों को सही तरीके से व्यवस्थित रखें ।

♒ कुंभ (Aquarius)

20 जनवरी – 18 फरवरी

साप्ताहिक वास्तु टिप: उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशाओं को स्वच्छ, ताज़ा और हवादार रखें । जो वस्तुएं अब उपयोगी नहीं हैं उन्हें हटा दें और खुलेपन व गतिशीलता की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए रास्ते साफ रखें ।

♓ मीन (Pisces)

19 फरवरी – 20 मार्च

साप्ताहिक वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व दिशा की विशेष देखभाल करें । इस क्षेत्र को शांत, स्वच्छ और भारी भंडारण से मुक्त रखें । यहां एक साधारण ध्यान या प्रार्थना क्षेत्र शांति और आंतरिक जागरूकता के वातावरण का समर्थन कर सकता है ।

🌿 साप्ताहिक वास्तु संदेश

“जब आपका परिवेश स्वच्छ, संतुलित और सामंजस्यपूर्ण होता है, तो मन स्वाभाविक रूप से अधिक शांत हो जाता है । अपने घर को उस व्यवस्था, जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतिबिंब बनने दें जिसे आप अपने भीतर विकसित करना चाहते हैं ।”

द्वारा — ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन, वास्तु विशेषज्ञ • आध्यात्मिक सलाहकार

28 अगस्त 2026 से 03 सितंबर 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • सभी 12 राशियों के लिए साप्ताहिक वास्तु सुझाव

    ♈ मेष — Aries जन्म तिथि: 21 मार्च – 19 अप्रैल प्रतीक: मेढ़ा 🐏

    वास्तु सुझाव: दक्षिण और दक्षिण-पूर्व दिशाओं को साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित रखें । टूटी-फूटी या अनुपयोगी वस्तुओं का अनावश्यक संग्रह न करें ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: पूर्व दिशा में स्वस्थ हरा पौधा रखें, जिससे ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा को प्रोत्साहन मिले ।

    ♉ वृषभ — Taurus जन्म तिथि: 20 अप्रैल – 20 मई प्रतीक: वृषभ 🐂

    वास्तु सुझाव: उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) पर विशेष ध्यान दें । इसे हल्का, स्वच्छ और अव्यवस्था से मुक्त रखें ।

    साप्ताहिक मार्गदर्शन: प्रत्येक सुबह कुछ क्षण इस दिशा में शांत बैठकर ध्यान या प्रार्थना करें ।

    ♊ मिथुन — Gemini जन्म तिथि: 21 मई – 20 जून प्रतीक: जुड़वाँ 👥

    वास्तु सुझाव: उत्तर दिशा को सुव्यवस्थित रखें, विशेषकर अध्ययन, संवाद या कार्य से संबंधित क्षेत्र को ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: अपने कार्यस्थल से अनावश्यक कागजों और डिजिटल अव्यवस्था को हटाएँ ।

    ♋ कर्क — Cancer जन्म तिथि: 21 जून – 22 जुलाई प्रतीक: केकड़ा 🦀

    वास्तु सुझाव: उत्तर-पश्चिम दिशा में सामंजस्य बनाए रखें तथा शयनकक्ष को शांत और हवादार रखें ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: शाम के समय हल्की एवं शांतिदायक रोशनी का प्रयोग करें और सोने से पहले अत्यधिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग से बचें ।

    ♌ सिंह — Leo जन्म तिथि: 23 जुलाई – 22 अगस्त प्रतीक: सिंह 🦁

    वास्तु सुझाव: दक्षिण दिशा में भारी सामान रखें । खिड़कियों के पास अनावश्यक खाली स्थान या अनुपयोगी वस्तुओं का जमाव न होने दें ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: दिन की शुरुआत उगते हुए सूर्य की ओर मुख करके करें और इसके बाद कुछ मिनट ध्यान करें ।

  • ♍ कन्या — Virgo जन्म तिथि: 23 अगस्त – 22 सितंबर प्रतीक: कन्या ♍

    वास्तु सुझाव: विशेष रूप से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशाओं में स्वच्छता एवं सुव्यवस्था पर ध्यान दें ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: इस सप्ताह घर की टूटी हुई वस्तुओं की मरम्मत करें या उन्हें हटा दें । बाहरी व्यवस्था मानसिक स्पष्टता को सहयोग देती है ।

    ♎ तुला — Libra जन्म तिथि: 23 सितंबर – 22 अक्टूबर प्रतीक: तराजू ⚖️

    वास्तु सुझाव: दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिर, स्वच्छ और अनावश्यक गतिविधियों अथवा अव्यवस्था से मुक्त रखें ।

    साप्ताहिक मार्गदर्शन: शयनकक्ष में बहुत अधिक सजावटी वस्तुएँ न रखें । संतुलन और शांति का वातावरण बनाएँ ।

    ♏ वृश्चिक — Scorpio जन्म तिथि: 23 अक्टूबर – 21 नवंबर प्रतीक: बिच्छू 🦂

    वास्तु सुझाव: पश्चिम दिशा पर विशेष ध्यान दें । वहाँ कूड़ा, खराब फर्नीचर या अनुपयोगी वस्तुएँ रखने से बचें ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: शाम को सुरक्षित एवं उपयुक्त स्थान पर एक सरल दीपक या दीया जलाएँ, जिससे शांतिपूर्ण वातावरण बने ।

    ♐ धनु — Sagittarius जन्म तिथि: 22 नवंबर – 21 दिसंबर प्रतीक: धनुर्धर 🏹

    वास्तु सुझाव: उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा में स्थित पूजा/ध्यान स्थल को अव्यवस्था से मुक्त रखें तथा वहाँ प्राकृतिक प्रकाश का स्वागत करें ।

    साप्ताहिक मार्गदर्शन: इस सप्ताह आध्यात्मिक अध्ययन, ध्यान या प्रेरणादायक साहित्य के पठन के लिए समय निकालें ।

  • ♑ मकर — Capricorn जन्म तिथि: 22 दिसंबर – 19 जनवरी प्रतीक: मकर ♑

    वास्तु सुझाव: दक्षिण-पश्चिम दिशा को मजबूत और सुव्यवस्थित रखें । यदि क्षेत्र साफ एवं व्यवस्थित हो तो यहाँ भारी सामान रखा जा सकता है ।
    साप्ताहिक मार्गदर्शन: लंबित मरम्मत कार्यों को पूरा करके और महत्वपूर्ण वस्तुओं को व्यवस्थित करके अपने परिवेश में अनुशासन लाएँ ।

    ♒ कुंभ — Aquarius जन्म तिथि: 20 जनवरी – 18 फरवरी प्रतीक: कुंभ ♒

    वास्तु सुझाव: पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशाओं को अत्यधिक अव्यवस्था से मुक्त रखें तथा पर्याप्त वायु-संचार सुनिश्चित करें ।

    साप्ताहिक मार्गदर्शन: उचित प्रकाश वाले स्थान पर कोई स्वस्थ पौधा रखकर प्रकृति के तत्व को अपने वातावरण में शामिल करें ।

    ♓ मीन — Pisces जन्म तिथि: 19 फरवरी – 20 मार्च प्रतीक: मछली 🐟

    वास्तु सुझाव: उत्तर-पूर्व दिशा पर विशेष ध्यान दें और इसे शांत, स्वच्छ तथा आध्यात्मिक रूप से सकारात्मक बनाए रखें ।

    साप्ताहिक मार्गदर्शन: स्वच्छ एवं शांत स्थान पर 10–15 मिनट ध्यान करें, विशेषकर सुबह या शाम के समय ।

  • सभी के लिए साप्ताहिक वास्तु मार्गदर्शन

    28 अगस्त – 03 सितंबर 2026

    • उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को स्वच्छ और अव्यवस्था से मुक्त रखें ।
    • जहाँ संभव हो, घर में प्राकृतिक प्रकाश और ताजी हवा का प्रवेश सुनिश्चित करें ।
    • पानी के रिसाव वाले नलों की मरम्मत करें और पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचें ।
    • टूटी, अनुपयोगी और खराब वस्तुओं को हटा दें ।
    • घर के प्रवेश द्वार को स्वच्छ, आकर्षक और सुव्यवस्थित रखें ।
    • घर के कोनों में कूड़ा-कचरा या अनुपयोगी वस्तुएँ जमा न होने दें ।
    • रसोई तथा पूजा/ध्यान स्थल के आसपास विशेष स्वच्छता बनाए रखें ।
    • दिन की शुरुआत कृतज्ञता, सकारात्मक संकल्प और कुछ मिनटों के मौन से करें ।

    🔮 जन्म तिथि से अपनी राशि जानने का मार्गदर्शन                                                      पारंपरिक वैदिक ज्योतिष में आपकी जन्म राशि (चंद्र राशि) का निर्धारण आपके जन्म के समय और स्थान पर चंद्रमा की वास्तविक स्थिति के आधार पर किया जाता है । इसलिए केवल जन्म तिथि के आधार पर सही जन्म राशि निर्धारित करना हमेशा संभव नहीं होता ।

    सटीक मार्गदर्शन के लिए अपनी जन्म कुंडली देखें और उसमें अपनी चंद्र राशि (Moon Sign/Chandra Rashi) की पहचान करें ।

21 अगस्त 2026 से 27 अगस्त 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

  • साप्ताहिक वास्तु राशिफल एवं दिशा-निर्देश (21 अगस्त 2026 से 27 अगस्त 2026)

    जन्म तिथि (Date of Birth) के अनुसार राशि देखने का मार्गदर्शन-

    यदि आपको अपनी जन्म कुंडली या चंद्र राशि का ज्ञान नहीं है, तो आप अपनी जन्म तिथि (सूर्य राशि / Sun Sign) के अनुसार अपनी राशि आसानी से देख सकते हैं:

    सभी 12 राशियों के लिए वास्तु आधारित उपाय, उनके प्रतीक (सिंबल) और जन्मतिथि की अवधि के साथ नीचे प्रस्तुत हैं:

    प्रत्येक राशि के लिए साप्ताहिक वास्तु टिप्स एवं जन्मतिथि अवधि

    मेष (Aries) ♈ (21 मार्च – 19 अप्रैल)

    • वास्तु टिप: अपने घर या कार्यस्थल के दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) को पूरी तरह साफ रखें और वहां लाल रंग का कोई बल्ब या शो-पीस लगाएं ।
    • लाभ: इससे आपका पराक्रम बढ़ेगा और अनावश्यक क्रोध एवं मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी ।

    वृषभ (Taurus) ♉ (20 अप्रैल – 20 मई)

    • वास्तु टिप: घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में एक छोटे कांच के बर्तन में साफ पानी भरकर रखें और उसे रोजाना बदलें ।
    • लाभ: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा पारिवारिक जीवन में सुख-शांति व मधुरता बनी रहेगी ।

    मिथुन (Gemini) ♊ (21 मई – 20 जून)

    • वास्तु टिप: अपने अध्ययन कक्ष या ऑफिस की डेस्क पर हरे रंग की कोई वस्तु या एक छोटा मनी प्लांट रखें ।
    • लाभ: बौद्धिक क्षमता का विकास होगा और करियर में आ रही बाधाएं दूर होंगी ।

    कर्क (Cancer) ♋ (21 जून – 22 जुलाई)

    • वास्तु टिप: शयनकक्ष में सोते समय अपना सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखें तथा इन दिशाओं की ओर पैर करके सोने से बचें ।
    • लाभ: अनिद्रा की समस्या दूर होगी और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी ।

सिंह (Leo)  (23 जुलाई – 22 अगस्त)

  • वास्तु टिप: घर के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन सुबह ताजे पानी का छिड़काव करें और दरवाजे के दोनों ओर हल्दी-कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं ।
  • लाभ: मान-सम्मान में वृद्धि होगी और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी ।

कन्या (Virgo)  (23 अगस्त – 22 सितंबर)

  • वास्तु टिप: अपने घर के उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) हिस्से में धातु से बनी कोई सुंदर वस्तु या विंड चाइम (Wind Chime) लगाएं ।
  • लाभ: व्यावसायिक संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और नए अवसरों के द्वार खुलेंगे ।

तुला (Libra)  (23 सितंबर – 22 अक्टूबर)

  • वास्तु टिप: घर के ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया में सुगंधित फूलों का गुलदस्ता रखें और हल्के गुलाबी या सफेद परदों का प्रयोग करें ।
  • लाभ: आपसी रिश्तों में मधुरता आएगी और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहेगा ।

वृश्चिक (Scorpio)  (23 अक्टूबर – 21 नवंबर)

      • वास्तु टिप: घर के ईशान कोण में किसी भी प्रकार का भारी कबाड़ या लोहे का सामान न रखें । इस कोने को हमेशा हल्का और खुला रखें ।
      • लाभ: गुप्त शत्रुओं से सुरक्षा मिलेगी और अटके हुए कार्यों में गति आएगी ।

धनु (Sagittarius) ♐ (22 नवंबर – 21 दिसंबर)

  • वास्तु टिप: पूजा घर में नियमित रूप से घी का दीपक जलाएं और घर की पूर्वी दीवार पर उगते हुए सूरज की तस्वीर लगाएं ।
  • लाभ: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आध्यात्मिक उन्नति होगी ।

मकर (Capricorn) ♑ (22 दिसंबर – 19 जनवरी)

  • वास्तु टिप: घर के नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) कोने को हमेशा भारी सामान (जैसे अलमारी या बक्सा) रखकर व्यवस्थित रखें ।
  • लाभ: धन का ठहराव बढ़ेगा और फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी ।

कुंभ (Aquarius) ♒ (20 जनवरी – 18 फरवरी)

  • वास्तु टिप: घर की पश्चिमी दीवार पर या कार्यस्थल पर मेटल (धातु) से बनी कोई सुंदर कलाकृति या फ्रेम लगाएं ।
  • लाभ: आय के नए स्रोत बनेंगे और कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा ।

 मीन (Pisces) ♓ (19 फरवरी – 20 मार्च)

    • वास्तु टिप: घर के उत्तर-पूर्व कोने में ताजे जल से भरा एक कलश रखें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल मिला लें ।
    • लाभ: मानसिक स्पष्टता आएगी, रचनात्मकता बढ़ेगी और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा ।

वास्तु विचार प्रणेता –

ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन, वास्तु विशेषज्ञ

  • मोबाइल: +91 9999945044, +91 9811010967

 

14 अगस्त 2026 से 20 अगस्त 2026 वास्तु - वैज्ञानिक परिणामों की एक कला

यहाँ 14 अगस्त 2026 से 20 अगस्त 2026 की अवधि के लिए जन्म तिथि के अनुसार राशि देखने का मार्गदर्शन एवं साप्ताहिक वास्तु टिप्स प्रस्तुत हैं:

जन्म तिथि (Date of Birth) के अनुसार राशि देखने का मार्गदर्शन

यदि आपको अपनी जन्म कुंडली या चंद्र राशि का ज्ञान नहीं है, तो आप अपनी जन्म तिथि (सूर्य राशि / Sun Sign) के अनुसार अपनी राशि आसानी से देख सकते हैं:

विशेष साप्ताहिक वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को वास्तु में परम पवित्र और भगवान शिव तथा धन के देवता कुबेर का स्थान माना गया है। यह दिशा आपके जीवन में सद्बुद्धि, मानसिक शांति, एकाग्रता और नए अवसरों के प्रवाह को नियंत्रित करती है । इस सप्ताह घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को बिल्कुल साफ-सुथरा और clutter-free रखें, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और दैवीय कृपा का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहे ।

साप्ताहिक वास्तु टिप्स (14 अगस्त 2026 – 20 अगस्त 2026)

मेष (Aries): 21 मार्च – 19 अप्रैल

♈ (प्रतीक: मेढा / Ram)

  • वास्तु टिप: इस सप्ताह घर और कार्यस्थल की पूर्व दिशा को पूरी तरह साफ और उजाले से युक्त रखें । यहाँ ताजे लाल या पीली पंखुड़ियों वाले फूल रखने से सकारात्मक ऊर्जा और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी ।

वृषभ (Taurus): 20 अप्रैल – 20 मई

♉ (प्रतीक: बैल / Bull)

  • वास्तु टिप: अपने घर या कमरे के दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में भारी अलमारी या बेड रखें । इस कोने में कबाड़ न जमा होने दें, इससे मानसिक और वित्तीय स्थिरता बनी रहेगी ।

मिथुन (Gemini): 21 मई – 20 जून

♊ (प्रतीक: जुड़वां / Twins)

  • वास्तु टिप: उत्तर दिशा को व्यवस्थित रखें और रोजाना कमरे की खिड़कियाँ खोलकर ताजी हवा व प्रकाश का प्रवाह सुनिश्चित करें । वेंटिलेशन सही रहने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी ।

कर्क (Cancer): 21 जून – 22 जुलाई

♋ (प्रतीक: केकड़ा / Crab)

  • वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में जल से भरा पात्र, छोटा फव्वारा या जलीय पेंटिंग स्थापित करें  । इससे मानसिक तनाव कम होगा और घर में सुख-शांति का वातावरण बनेगा  ।

सिंह (Leo): 23 जुलाई – 22 अगस्त

♌ (प्रतीक: शेर / Lion)

  • वास्तु टिप: अपने घर की किसी भी दिशा में किसी भी प्रकार की बंद या टूटी हुई घड़ियाँ न रखें  । इस दिशा में उचित रोशनी रखें ताकि आपका प्रभाव और आत्मविश्वास बना रहे  ।

कन्या (Virgo): 23 अगस्त – 22 सितंबर

♍ (प्रतीक: कन्या / Virgin)

  • वास्तु टिप: अध्ययन कक्ष या स्टडी टेबल को ईशान कोण (North-East) में रखें  । टेबल पर अनचाही कागजात या अव्यवस्था न फैलने दें; साफ-सफाई से बौद्धिक तीक्ष्णता बढ़ेगी  ।

तुला (Libra): 23 सितंबर – 22 अक्टूबर

♎ (प्रतीक: तराजू / Balance)

    • वास्तु टिप: उत्तर-पश्चिम दिशा में कांच के बर्तन में समुद्री नमक भरकर रखें  । यह उपाय घर में बनी किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने में मदद करता है  ।

वृश्चिक (Scorpio): 23 अक्टूबर – 21 नवंबर

♏ (प्रतीक: बिच्छू / Scorpion)

  • वास्तु टिप: अपने घर के मुख्य द्वार के आसपास जूते-चप्पल बिखरे न रहने दें  । दक्षिण दिशा को साफ सुथरा और अवरोध मुक्त रखें  ।

धनु (Sagittarius): 22 नवंबर – 21 दिसंबर

♐ (प्रतीक: धनुष / Archer)

  • वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व दिशा में हरे पौधे जैसे तुलसी या मनी प्लांट रखें  । इससे आध्यात्मिक प्रगति और सकारात्मक विचारों का संचार होगा  ।

मकर (Capricorn): 22 दिसंबर – 19 जनवरी

♑ (प्रतीक: मकर / Sea-Goat)

  • वास्तु टिप: अपने घर की पश्चिम दिशा को साफ रखें और झाड़ू आदि को मुख्य नज़र से छिपाकर रखें  । स्टोरेज एरिया को डंपिंग साइट बनाने से बचें  ।

कुंभ (Aquarius): 20 जनवरी – 18 फरवरी

♒ (प्रतीक: घड़ा / Water-Bearer)

    • वास्तु टिप: अपने घर के लिविंग रूम और डाइनिंग एरिया को सुव्यवस्थित रखें  । ताजे फूलों का वास रखने से वातावरण में ताजगी और आन्तरिक प्रसन्नता बनी रहेगी  ।
  1. मीन (Pisces): 19 फरवरी – 20 मार्च

    ♓ (प्रतीक: मछली / Fishes)

    • वास्तु टिप: उत्तर-पूर्व कोण में ध्यान या पूजा का स्थान बनाएं और नियमित रूप से वहाँ कपूर या धूपबत्ती जलाएं  । इससे मन की चंचलता शांत होगी और आंतरिक मौन प्राप्त करने में मदद मिलेगी  ।
    •  

    वास्तु विचार प्रणेता – ध्यानाचार्य डॉ. अजय जैन, वास्तु विशेषज्ञ

    • मोबाइल: +91 9999945044, +91 9811010967

VASTU - AN ART OF ACHIEVING SCIENTIFIC RESULT

Vastu is practiced as an art of building Houses, Temples, work places and Cities etc. Vastu is being used as a science to get desired results on the principles of cause and effect. In today’s time Vastu has been researched and implied all over by all sections of society as all looking for improvement in all walks of life.

Vastu is based on Energy balancing of five elements with all directions and if Vastu Energy is not correct then many problems emerge and make our life miserable.

Dhyanacharya Dr. Ajay Jain has mastered in finding bad vibrations through his Meditational techniques and has rectified the same in thousands of premises. Although he has powers to feel and understand the negative and positive vibrations of any area still to keep pace with modern day technology and uses K2 Metre, Gauge Meter and Dowsing Rods etc. also to check the type of energy prevailing at the place he visits as a Vastu Consultant.

Dhyanacharya Dr. Ajay Jain can rightly be called pioneer in Vastu Remedies as he started Vastu Consultations in the year 1985 -1986. Since 1987, after he built a temple in Delhi using Vastu principles, he started using the same to rectify various types of Dosha that may happen in residential, commercial or any other type of premises to provide a trouble free and peaceful life to the occupants. For the last more than 35 years he is known as a social, cultural, spiritual and Vastu adviser to many.  A popular figure among industrialists, residents, film stars, bureaucrats, politicians and celebrities, he has helped many achieve their goals by Vastu remedies and is always available for everyone at anytime.

Dhyanacharya Dr. Ajay Jain in a Vastu workshop with Rotarians in New Delhi

Dhyanacharya Dr. Ajay Jain is the first one to offer Vastu Consultancy on National Channel during 1987 – 1988. 

Another part of Vastu deals with energy balancing and rectifying any Dosha that may be prevailing in the premises. Dhyanacharya Dr. Ajay Jain is correcting  all types of Doshas of premises he visits with a success rate of 100%. Reconstructing any building or a part of it causes heavy financial burden and most of the times results in increasing the problems as in that case even good and positive energy is also disturbed. Dhyanacharya Dr. Ajay Jain uses various traditional and modern methods to rectify Vastu Dosha.

Divine Service aims at helping people realizing their goals and dreams through expert advice.

Save Planet And Environment : we are under pledge to go paper less as much as possible.